नवादा के रजौली में CM नीतीश कुमार ने फुलवरिया जलाशय का किया निरीक्षण, फ्लोटिंग सोलर प्लांट परियोजना को समय पर पूरा करने का निर्देश

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नवादा जिले के रजौली स्थित फुलवरिया जलाशय का दौरा किया और यहां निर्माणाधीन 10 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। यह यूनिक परियोजना ‘ऊपर बिजली, नीचे मछली’ मॉडल पर आधारित है, जो ऊर्जा उत्पादन के साथ आधुनिक मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देती है।
जलाशय 30 एकड़ में फैला, 90 गांवों को मिल रहा शुद्ध पेयजल
अधिकारियों ने जानकारी दी कि फुलवरिया जलाशय लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसके पानी को रजौली बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना के तहत शुद्ध कर फ्लोराइड प्रभावित 90 गांवों में पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है। सीएम ने जलाशय में स्थापित 182 फिश केज वाले आधुनिक मत्स्य पालन मॉडल का भी निरीक्षण किया, जिसके कारण यहां मत्स्य उत्पादन राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक है।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए 220.48 एकड़ भूमि चिह्नित
मुख्यमंत्री ने रजौली में प्रस्तावित औद्योगिक विकास क्षेत्र की प्रगति का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि कुल 220.48 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें 81 एकड़ सरकारी भूमि है, जबकि 139.48 एकड़ रैयती भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
1979 में शुरू हुआ था निर्माण, अब मत्स्य उत्पादन 100 गुना बढ़ा
फुलवरिया जलाशय तिलैया नदी पर हरदिया गांव के निकट स्थित है। इसका निर्माण कार्य 1979 में शुरू होकर 1988 में पूरा हुआ था। जहां पहले जलाशय से मत्स्य उत्पादन मात्र 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष था, वहीं अब यह बढ़कर 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गया है—जो राष्ट्रीय औसत 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष से कई गुना अधिक है।
बिहार का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट
मेसर्स सूर्यम इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जा रहा 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा संयंत्र बिहार का अब तक का सबसे बड़ा फ्लोटिंग प्लांट होगा। इसके लिए जलाशय के मात्र 30 एकड़ हिस्से का उपयोग किया जा रहा है, जबकि बाकी क्षेत्र मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित रहेगा।
