पटना दौरे पर साइना नेहवाल ने 2007 की पहली राष्ट्रीय जीत को याद किया, बिहार के खेल भविष्य पर जताई उम्मीद

दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल जब पटना पहुंचीं तो उनके लिए यह सफर सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं बल्कि यादों की वापसी जैसा था। उन्होंने बिहार से अपने पुराने रिश्ते को याद करते हुए बताया कि साल 2007 में उन्होंने यहीं अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता था जिसने उनके पूरे करियर की दिशा बदल दी थी। साइना ने कहा कि वह जीत उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक थी क्योंकि उसी के बाद उन्हें देशभर में पहचान मिली और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
पटना में बिताए गए उन शुरुआती दिनों को याद करते हुए साइना ने कहा कि बिहार की धरती ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। यहां के दर्शकों का प्यार और माहौल आज भी उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है बस जरूरत है सही मंच और बेहतर प्रशिक्षण की ताकि यहां के खिलाड़ी आगे बढ़ सकें।
साइना ने बिहार में खेलों के विकास को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया और राज्य में उभरते खिलाड़ियों को आगे लाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो बिहार से भी देश और दुनिया के लिए बड़े नाम निकल सकते हैं।
अपने इस दौरे को लेकर साइना ने खुशी जताई और कहा कि पटना आकर उन्हें अपने शुरुआती संघर्ष और सफलता दोनों की याद आ गई। उनके लिए यह शहर सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि उनके सपनों की शुरुआत की कहानी है जो आज भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
