चुनाव के बाद पहली बार विधानसभा में बोले तेजस्वी यादव, सत्ता पक्ष से विपक्ष को गंभीरता से लेने की अपील

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बिहार विधानसभा चुनाव के बाद गठित हुई 18वीं विधानसभा का पहला सत्र इस सप्ताह शुरू हुआ, जिसमें सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। इसके साथ ही सदन में नई शुरुआत का माहौल दिखा। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया, जिसके बाद सदन में नेताओं ने उन्हें बधाई दी। इसी दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी अपने संबोधन में नई विधानसभा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें रखीं।

तेजस्वी यादव ने अध्यक्ष पद पर प्रेम कुमार के चुने जाने पर उन्हें लालू प्रसाद यादव, महागठबंधन और समस्त बिहारवासियों की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में लम्बा अनुभव रहा है, और वे मंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष के रूप में सदन में हमेशा जनता की आवाज उठाते रहे हैं। तेजस्वी ने उम्मीद जताई कि नए अध्यक्ष नियमावली के अनुरूप पूरी निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करेंगे और सदस्यों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि “हम आशा करते हैं कि इस सदन में सत्ता पक्ष विपक्ष को भी उतनी ही गंभीरता से ले, जितनी लोकतांत्रिक मूल्यों की अपेक्षा है। विपक्ष भी सरकार का एक अहम हिस्सा है और हमारी भूमिका जनता की समस्याओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की है।”

उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा का हर सदस्य बिहार के विकास के लिए कार्य करता है और ऐसे में किसी भी सदस्य को निराश न किया जाए। तेजस्वी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विपक्ष हमेशा अध्यक्ष के साथ रचनात्मक सहयोग देगा। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों का मकसद सिर्फ एक है—बिहार को एक अग्रणी राज्य बनाना।

तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में बिहार के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बेरोजगारी, गरीबी और पलायन को सबसे बड़ी समस्याएँ बताया और कहा कि नई विधानसभा के कार्यकाल में इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “हम सबको मिलकर एक नए बिहार का निर्माण करना है, जहाँ युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों को राहत मिले और विकास हर जिले तक पहुँचे।”

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सदन में सभी पक्षों को समान अवसर मिलेगा और बहसों में निष्पक्षता कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सदन लोकतांत्रिक परम्पराओं का केंद्र है और यहाँ उठने वाली आवाजें पूरे बिहार को दिशा देती हैं।

पहले सत्र में नेताओं के बीच की सौहार्दपूर्ण बातचीत ने यह संकेत दिया कि नई विधानसभा में सकारात्मक बहसों और रचनात्मक राजनीति की संभावना मजबूत है। सभी दलों के नेताओं ने बिहार को विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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