बिजली बिल कम करने के लिए सरकार का बड़ा कदम: पूरे देश में AI सिस्टम से चोरी पकड़ने और तकनीकी खामियों की स्कैनिंग

y

भारत सरकार देशभर में बिजली बिल कम करने और पावर सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़ा प्रयोग शुरू करने जा रही है। बिजली मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी शशांक मिश्रा ने एएनएआई को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि अब डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां AI की मदद से उन इलाकों को आसानी से पहचान पाएंगी जहां बिजली चोरी होती है या जहां तकनीकी खराबियों के कारण भारी नुकसान हो रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि AI के जरिए न केवल तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारा जाए, बल्कि ग्राहकों के बिजली बिल में भी सीधी कमी लाई जाए। मिश्रा के मुताबिक, देश के ज्यादातर घरों में तारों की खराबी, ओवरलोडिंग या अर्थ लीकेज की वजह से बिजली अनावश्यक रूप से बर्बाद होती है। इन समस्याओं का पता आमतौर पर देर से चलता है, जिससे कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है और इस घाटे की भरपाई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी करके की जाती है।

AI सिस्टम रोज़ाना मीटर डेटा, लोड पैटर्न और खपत के असामान्य बदलावों को स्कैन करेगा। किसी क्षेत्र में अगर बिजली की खपत अचानक से ज्यादा दिखती है या तकनीकी लीकेज नजर आता है, तो AI तुरंत कंपनियों को अलर्ट करेगा। इससे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां नुकसान वाले पॉइंट को तुरंत ठीक कर सकेंगी।

सरकार का मानना है कि तकनीकी नुकसान कम होने से डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों का घाटा घटेगा और इसका सीधा फायदा लोगों को कम बिजली बिल के रूप में मिलेगा। यह तकनीक बिजली चोरी को भी बड़े पैमाने पर रोकने में मदद करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *