छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णुदेव साय बोले – “सरकार की योजनाओं से जगी उम्मीद, माओवाद छोड़ मुख्यधारा में लौट रहे नक्सली”

रायपुर | अमर उजाला ब्यूरो
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं का असर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्लानार योजना से नक्सलियों में विश्वास और उम्मीद जगी है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।
नारायणपुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
“माड़ बचाओ अभियान” के तहत नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। दो एरिया कमेटी सदस्य सहित 18 लाख के इनामी 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर 50 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक के इनाम घोषित थे।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक दिए गए हैं। साथ ही पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आवास, रोजगार और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा,
“हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक 1704 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह हमारी पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का प्रमाण है। डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने और सरेंडर करने वालों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
पुनर्वास नीति 2025 – क्या है खास?
- आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर
- स्वरोजगार के लिए ब्याज मुक्त बैंक लोन
- मासिक गुजारे के लिए अनुदान राशि
- समर्पित हथियार व गोला-बारूद पर प्रोत्साहन
- युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार अवसर
नियद नेल्लानार योजना – ‘आपका अच्छा गांव’
‘नियद नेल्लानार’ गोंडी बोली का शब्द है, जिसका अर्थ है आपका अच्छा गांव। इस योजना के तहत नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में 14 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं। हर कैंप के पांच किलोमीटर दायरे के गांवों को 32 से ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
सुविधाओं की झलक:
- आवास, सड़क, पुल-पुलिया और बिजली
- स्कूल, छात्रावास और खेल मैदान
- उप-स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान कार्ड
- बैंक, एटीएम और मोबाइल टावर
- किसान क्रेडिट कार्ड, सामाजिक पेंशन और पीएम किसान सम्मान निधि
बदलाव की नई बयार
सरकार का दावा है कि अबूझमाड़ और बस्तर के अंदरूनी गांवों में विकास पहुंचने से माओवादी बैकफुट पर हैं। पुसकोंटा जैसे गांवों में अब सड़क, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रोज़गार और शिक्षा की नई सुबह हो रही है।
महिलाओं को मिल रहा संबल
साय सरकार ने महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और जननी सुरक्षा योजना शुरू की है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है। स्वास्थ्य जांच और मेडिकल कैम्प से उनके जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।
