बिहार में विकास की नई रफ़्तार: सीएम नीतीश कुमार ने बताया 20 वर्षों की उपलब्धियाँ, रिकॉर्ड बजट से तेज़ी पकड़ रहा राज्य

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य का बजट अब बढ़कर 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते इस बजट का उपयोग बिहार के सर्वांगीण विकास में किया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि पिछले वर्षों में की गई विकासात्मक पहल को याद रखें।
सीएम ने बताया कि 2005 से पहले बिहार हर क्षेत्र में पिछड़ गया था। विकास कार्य ठप थे, नई संरचनाएँ बनना तो दूर, पुराने भवनों का रखरखाव तक नहीं हो पाता था। टूटी-फूटी सड़कों ने राज्य की पहचान बिगाड़ दी थी। स्थिति ऐसी थी कि लोग बिहार की पहचान बताने से भी हिचकते थे और राज्य देश-दुनिया में उपहास का विषय बन गया था।
उन्होंने कहा कि 2005 के बाद बनी सरकार ने आधारभूत संरचनाओं के विकास में ऐतिहासिक कार्य किए। नए भवनों का निर्माण हुआ, पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों का विकास किया गया, जिससे राज्य की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ हुई।
पिछले 20 वर्षों में बिहार में कई विश्वस्तरीय सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाएँ पूरी हुईं और कई निर्माणाधीन हैं। जेपी गंगा पथ, अटल पथ, पाटलिपथ, बिहटा-सरमेरा पथ, मीठापुर-महुली पथ, लोहिया पथ चक्र, बख्तियारपुर-रजौली पथ, पटना-गया-डोभी, पटना-मुजफ्फरपुर फोर लेन, पटना-बख्तियारपुर-मोकामा पथ तथा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रमुख हैं।
इसके अलावा वाराणसी-कोलकाता, आमस-दरभंगा, पटना-पूर्णिया, गोरखपुर-सिलीगुड़ी और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे पर तेजी से कार्य जारी है। इन परियोजनाओं से राज्य में आवागमन सुगम हुआ है, आर्थिक-व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और लोगों की आमदनी में वृद्धि देखने को मिली है।
सीएम नीतीश कुमार के अनुसार इन प्रयासों ने राज्य को तेज विकास पथ पर आगे बढ़ाया है और बिहार की छवि में व्यापक सुधार हुआ है।
