बिहार में शीतलहर का कहर, नए साल की दस्तक के साथ बढ़ी कंपकंपी

साल 2025 के जाते जाते बिहार भीषण ठंड की गिरफ्त में आ चुका है. पूरे राज्य में अच्छी बारिश के बाद अब सर्द पछुआ हवा ने मौसम को और ज्यादा बेरहम बना दिया है. बीते करीब दस दिनों से लगातार तापमान गिर रहा है और हालात ऐसे हैं कि दिन में भी लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं. नए साल की शुरुआत भी लोगों को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच करनी पड़ेगी.
मौसम विभाग के अनुसार दो जनवरी तक राज्य को इस ठंड से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. कई जिलों में दिन का तापमान गिरकर 13 डिग्री के आसपास पहुंच गया है, जिससे धूप निकलने के बावजूद सर्दी से राहत नहीं मिल पा रही. पछुआ हवा की रफ्तार करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जिससे ठंड का असर और तीखा महसूस हो रहा है.
दक्षिण बिहार के 12 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है. पटना, गया, नवादा, नालंदा, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भभुआ और बेगूसराय जैसे जिलों में ठंड का असर ज्यादा रहने वाला है. बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम खास तौर पर जोखिम भरा माना जा रहा है.
उत्तर बिहार के साथ साथ दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में अगले पांच से सात दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. सुबह और शाम दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने के आसार हैं.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक राजगीर में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री तक गिर गया है, जबकि गया, अरवल, औरंगाबाद, जहानाबाद, बक्सर और फारबिसगंज में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया. पटना में न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री रहा और दिन रात के तापमान में अंतर बहुत कम होने से पूरे दिन ठंड बनी रही.
शनिवार को भी कोहरे और धुंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी. दोपहर में थोड़ी धूप जरूर निकली, लेकिन वह भी ठंड को कम नहीं कर सकी. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल पछुआ हवा के कारण ठिठुरन बनी रहेगी और बिहार को आने वाले कुछ दिन सर्द मौसम के बीच ही बिताने होंगे.
