गांधी जयंती पर गांधी मैदान में आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण, सीएम नीतीश ने लिया गांधी के आदर्शों को अपनाने का संकल्प

download

पटना।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। बिहार की राजधानी पटना में ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद थे।

गांधी जी को दी गई श्रद्धांजलि

सुबह से ही गांधी मैदान में गांधी जी के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे वातावरण में शांति और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष, कई विधायक, विधान पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा और करुणा के बल पर आज़ादी की लड़ाई लड़ी और ब्रिटिश हुकूमत को झुकने पर मजबूर कर दिया।
सीएम ने कहा कि आज के समय में जब समाज हिंसा, असमानता और विभाजन की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब गांधी के आदर्श और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि बिहार सरकार गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएगी और उनकी शिक्षाओं को व्यवहार में उतारेगी।

राज्यपाल का संबोधन

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संदेश में कहा कि गांधी जी का जीवन सादगी और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने सत्य और नैतिकता की ताकत से यह साबित कर दिया कि अहिंसा ही सबसे बड़ा अस्त्र है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांधी जी की शिक्षाओं को केवल याद न करें बल्कि अपने जीवन में भी उतारें।

कार्यक्रम की झलकियां

  • समारोह की शुरुआत गांधी जी के प्रिय भजनों के सामूहिक गायन से हुई।
  • बच्चों ने गांधी जी के जीवन से जुड़ी झांकियां प्रस्तुत कीं, जिनमें उनका दक्षिण अफ्रीका प्रवास, दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन की झलक दिखाई गई।
  • स्कूली छात्र-छात्राओं ने “सत्य और अहिंसा” विषय पर नाटक प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
  • विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गांधी जी के विचारों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई।

गांधी जयंती का महत्व और प्रासंगिकता

महात्मा गांधी की 155वीं जयंती (2024) ऐसे समय पर आई है जब दुनिया हिंसा, युद्ध और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। गांधी का संदेश न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए राह दिखाता है।
गांधी जी ने हमें यह सिखाया कि परिवर्तन लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि सत्य और नैतिकता की आवश्यकता होती है। उनका “सत्याग्रह” आंदोलन आज भी शांति और न्याय की लड़ाई लड़ने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

बिहार सरकार की पहलें

गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी दोहराया कि बिहार सरकार ने गांधी जी के विचारों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में गांधी जी पर आधारित विशेष व्याख्यान और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
  • गांव-गांव में ग्राम स्वच्छता अभियान और नशामुक्ति अभियान चलाकर गांधी के “स्वच्छता” और “नशामुक्त समाज” के संदेश को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है।
  • गांधी जी की स्मृति में चंपारण और पटना सहित कई स्थानों पर स्मारक और संग्रहालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *